भारतीय क्रिकेट टीम ने सोमवार सुबह खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराकर अपना खिताबी सूखा समाप्त कर दिया।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने 252 रनों के लक्ष्य को छह गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए रोहित शर्मा को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
भारत की तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी जीत
इस जीत के साथ, भारत ने तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले 2002 और 2013 में भारत ने यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता था। इस जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दिया, जिसके नाम दो चैंपियंस ट्रॉफी खिताब हैं।

भारत, जो वर्तमान में दुनिया की नंबर 1 वनडे टीम है, इस पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रहा। आठ देशों के इस टूर्नामेंट में भारत ने अपने सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की और शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
टूर्नामेंट पर विवाद: भारत को विशेष लाभ मिला?
हालांकि, यह टूर्नामेंट हमेशा विवादों में बना रहेगा। चूंकि आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान टूर्नामेंट का मेजबान था, लेकिन भारत को अपने सभी मैच UAE में खेलने का विशेष लाभ मिला।
राजनीतिक कारणों से भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध न होने के कारण, भारत ने अपने सभी मुकाबले दुबई में खेले, जिससे उसे एक ही स्थान पर खेलने और परिस्थितियों को बेहतर समझने का फायदा मिला। दूसरी ओर, न्यूज़ीलैंड को टूर्नामेंट के दौरान अलग-अलग स्थानों पर यात्रा करनी पड़ी, जिससे उन्हें परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने में कठिनाई हुई।
भारत का दबदबा कायम, न्यूज़ीलैंड की लगातार पांचवीं फाइनल हार
यह हार न्यूज़ीलैंड के लिए आईसीसी व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट फाइनल में लगातार पांचवीं हार है। इससे पहले वे 2009 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2015 वनडे वर्ल्ड कप, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी हार चुके हैं।
हालांकि न्यूज़ीलैंड को क्रिकेट की दुनिया में ‘अंडरडॉग्स’ के रूप में देखा जाता है, लेकिन बार-बार फाइनल में पहुंचकर हार जाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके बावजूद, वे हर बड़े टूर्नामेंट में अपनी कड़ी मेहनत और शानदार खेल से सबको प्रभावित करते हैं।
भारत की ऐतिहासिक जीत और अगला लक्ष्य
इस ऐतिहासिक जीत के साथ, भारत ने एक बार फिर अपनी सफेद गेंद क्रिकेट (व्हाइट-बॉल क्रिकेट) में बादशाहत साबित कर दी। अब भारतीय टीम का अगला लक्ष्य आगामी टी20 और वनडे विश्व कप में अपना दबदबा बनाए रखना होगा।